रविवार, 14 दिसंबर 2014

मैं नारी हूँ व अन्य कवितायें-कल्पना मिश्रा बाजपेई



विनोद शाही की कलाकृति



मैं नारी हूँ ..



मैं नारी हूँ .."कुसुम अवदात नहीं हूँ"
सौंदर्य बोध से गढ़ी हूँ
मानवता के लिए कड़ी हूँ
सबके के लिए अहिर्निश खड़ी हूँ
भावनाओं से नित जड़ी हूँ 
कभी किसी से नहीं हूँ कम,
इस बात पर अड़ी हूँ
मैं नारी हूँ..बिन स्वर का गान नहीं हूँ ।
दिल में उत्साह भरा है अपरिमित
हर वक्त सेवा में हूँ समर्पित
शक्तियों से हूँ मैं निर्मित
जो चाहूँ वो करती हूँ अर्जित
इससे हूँ में सदा ही गर्वित
मैं नारी हूँ...शक्ति से अंजान नहीं हूँ ।
नारी ही नर को नव जीवन देती
बदले में वो कुछ न लेती
हर पीड़ा को हँस कर सहती
ना हो मुझसे कोई भी आहत
वो सदा ही खुद से यह कहती
मैं नारी हूँ..बिना फूल का बागान नहीं हूँ ।   
  
इस प्रवंचनाओं के जग में
खुद जीती हूँ खुदी से
हिमालय से बहती निर्मल गंगा में
अविरल बहती हूँ खुशी से
मैं नारी हूँ...निर्जन पोखर का पाषाण नहीं हूँ ।
गर करोगे मनुहार तो
मोहिनी सी हूँ मैं
करोगे  आघात तो  
शेरनी सी हूँ मैं
बहोगे मेरे साथ सहजता से तो
तरने वाली तरणी हूँ
मैं नारी हूँ..बिना धार की तलवार नहीं हूँ ।
मैं बेटी हूँ
मैं पत्नी हूँ
मैं हूँ जननी
मैं नारी हूँ..किसी की जायदाद नहीं हूँ ।

नया गान गाती नारी ने
संभावनाओं को ढूंढ निकाला है
क्योंकि नारी ने खुद को पहचाना है



अम्मा 



अम्मा तू कितनी सुंदर है 
नहीं कोई तेरे जैसा 
धीरज तेरा धरती जैसा
फूलों सा कोमल मन है 
बड़प्पन तेरा पर्वत जैसा 
तू गंगा सी निर्मल है 
ज्ञान भरा उर सागर जैसा 
"गीता ग्रंथ" सी पावन है 
ममता तेरी है मनमोहक 
तू करुणा का सागर है 
तन तेरा माँ मंदिर जैसा 
नित-नित शीश झुकाऊँ मैं
तुझ पर बलि-बलि जाऊँ मैं   
माँ तू कितनी सुंदर है 


बेटी 


जीवन की डगर में गिरती सम्हलती हूँ
अपने और गैरों के जुल्मों को सहती हूँ
जिस घड़ी से आई हूँ जग में ,
सहमी सी रहती हूँ
मैया तेरे चौके की कच्ची सी रोटी हूँ
हाँ हाँ मैं बेटी हूँ ।

दिल की अभिलाषा किस को समझाऊँ
जोशीले आँसू दिल में ही छिपाऊँ,
कहती है दुनियाँ किस्मत की खोटी हूँ
क्यों की मैं एक बेटी हूँ ।

छोड़ो ये डोली ,मह्वर ये मेहदी ,
छोटी हूँ जीने दो सपनों को छूने दो 
हमको भी उड़ना है 
अंबर से जुड़ना है 
कैसे समझाऊँ हिमालय की चोटी हूँ 
मुझे गर्व है कि में एक बेटी हूँ 


कल्पना मिश्रा बाजपेई

प्लॉट नंबर 27, फ़्रेंड्स कॉलोनी
निकट रामादेवी चौराहा, चकेरी,
कानपुर (उ०प्र०)
फोन-09455878280, 08953654363  

1 टिप्पणी:

  1. आ0 सुबोध श्रीवास्तव सर आप का हार्दिक आभार /सादर

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