गुरुवार, 9 अप्रैल 2015

छह क्षणिकायें-रमा द्विवेदी



विनोद शाही की कलाकृति


रेखाएँ



 (एक)


रेखाओं की भी,
होती है एक इबारत,
पढ़ सको तो पढ़ लेना ।


(दो) 


रेखाएँ,नदी के दो किनारे जैसी हों,
और रिश्तों के बीच बहती रहे,
मिठास, स्नेह और आत्मीयता।


(तीन) 


समानान्तर रेखाएँ
किसी को काटती नहीं,
इसलिए जीवन का बीजगणित,
अर्थवान हो उठता है।


(चार) 


रेखाओं की संवेदना को,
कठोर न बनने दें,
नहीं तो,
मनुष्यता नष्ट हो जाएगी।


(पांच) 


रेखाओं का समीकरण,
अक्षर की व्यतुपत्ति,
शब्द निर्माण,
और शब्द रचते हैं,
गीता,पुराण,
महाकाव्य और महाभारत।


(छह)


रेखाओं को यूँ ही
व्यर्थ मत करो,
क्योंकि यही रेखाएँ
होती हैं सभ्य संस्कृति
और सभ्य समाज की धरोहर।


डॉ रमा द्विवेदी 


102,Imperial Manor Apartment
Begumpet ,Hyderabad -500016 (A.P.)
फोन-.040- 23404051
(M) 09849021742
ईमेल: ramadwivedi53@gmail.com




डॉ रमा द्विवेदी 



डॉ रमा द्विवेदी का जन्म 1 जुलाई 1953 में हुआ । हिंदी में पी एच डी हैं तथा अवकाश प्राप्त व्याख्याता है । दे दो आकाश ,रेत का समंदर तथा साँसों की सरगम  तीन काव्यसंग्रह प्रकाशित तथा `भाव कलश 'ताँका संकलन ,`यादों के पाखी ' हाइकु संकलन ,`आधी आबादी का आकाश ' हाइकु संकलन ,`शब्दों के अरण्य में ' कविता संकलन ,`हिन्दी हाइगा ' हाइकु संकलन ,`सरस्वती सुमन' 'विशेषांक क्षणिकाएँ संकलन ,`अभिनव इमरोज' हाइकु संकलन में रचनाएँ संकलित हैं । `पुष्पक 'साहित्यिक पत्रिका की संपादक तथा साहित्य गरिमा पुरस्कार समिति की महासचिव है । दूर दर्शन हैदराबाद  से काव्य पाठ एवं आकाश वाणी से रचनाएँ प्रसारित । राष्ट्रीय -अंतरराष्ट्रीय मंचों से काव्य पाठ । साहित्य गरिमा पुरस्कार,परिकल्पना काव्य सम्मान  एवं अन्य कई सम्मानो से सम्मानित । अंतरजाल और देश -विदेश की  पत्र -पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित । कविता कोश में रचनाएँ संकलित । साहित्य की कई  विधाओं में लेखन । सर्वे में चयनित -`द सन्डे इंडियंस' साप्ताहिक पत्रिका के  111 श्रेष्ठ महिला लेखिकाओं में चयनित।
kavitakosh:www.kavitakosh.org/ramadwivedi
ईमेल: ramadwivedi53@gmail.com
Blog :http://ramadwivedi.wordpress.com

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें